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कहानी त्रासदी की

 कहानी त्रासदी की   एक बहुत विशाल वटवृक्ष था , बहुत बड़ी बड़ी शाखाएं , फिर मजबूत डालियां , करोड़ों अनगिनत हरे पत्तों से युक्त ये वटवृक्ष आस पास के सारे पेड़ों से अलग था, कमोबेश आस पास का हर पेड़ इससे ईर्ष्या करता था, इसकी हरी पत्तियों को इसके मजबूत अथाह  विश्वास था, क्यूंकि तना मजबूत था और सारे खनिज लवण और पानी की पूर्ति अबाध गति से होती थी , सबका साथ था, सबका विश्वास था, फ़िर एक बार तनें में दीमक लग गई, सब शखाओं , पत्तियों ने तने से शिकायत की , तना अनसुना करता रहा क्योंकि वो दंभ में था मेरे जितना चौड़ा और बड़ा कोई नहीं इसलिए मुझे दीमक नहीं लग सकती, हक़ीक़त में ऐसा नहीं था दीमक बढ़ती जा रही थी , पहली गाज़ पत्तियों पर गिरी, आवश्यक तत्वों की कमी से सुख कर गिरने लगी, तना फिर भी बेखबर रहा , कोई शिकायत करता तो कहता , दूसरे पेड़ों को देखो उनका भी यहीं हाल है , दीमक बढ़ती जा रही थी , पत्तियों के साथ अब एक दूका छोटी डालियां भी गिर रही थी , तना फिर भी बेखबर रहा , वो अपने बाहरी आवरण पर दंभ भरता रहा, अंदर के खोखलेपन को नजरंदाज करता , अब सब शाखाओं , पत्तियों में अफरा तफरी थी , त...

Democracy and Coronaa

 वाह री लोकतन्त्र !! कहने को हम दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र हैं , वो अब्राहम लिंकन वाला "जनता का, जनता के लिए और जनता द्वारा शासन", पर अफ़सोस इन दिनों This is not the democracy I have read in my school text books ,feeling cheated why only neta, journos, businessmen, courts, celebrities getting help only . दुख होता हैं पर बोल नहीं सकते , contempt of court 😒 is this the democracy for which bhagat singh laid down his life at 24 ??😢  लोगों ऑक्सीजन नहीं मिल रही, 🛏️ नहीं हैं, आईसीयू नहीं मिल रहे, और दवाओं तक की कमी हैं , मान लिया देश में विपदा है .. सबसे दुखद ये है कि जजों के लिए अशोका होटल ( पांच सितारा) में 100 कमरे बुक होंगे,  उधर मज़े से आईपीएल चल रहा हैं , नेता अपनी रैलियों में व्यस्त थे , पत्रकार अपनी दलाली खा रहे हैं , साहेब और उसका मोटा झोटा की आंख नहीं खुलती,🤐🤐 और मज़े की बात ये है  प्राइवेट चोपर से बड़े लोग देश छोड़कर जा रहे हैं, पढ़िए https://m.economictimes.com/magazines/panache/airfares-soar-private-jets-in-demand-rich-indians-flee-the-country-fly-to-dub...